आंवला
औषधियों से भरा हुआ है,
डाक्टर जिससे डरा हुआ है,
एक नहीं सौ गुण पाएंगे,
नियमित इसे अगर खाएंगे,
झोल नहीं है,मगर गोल है,
तनशुद्धी में बड़ा रोल है,
गोरा, काला नहीं सांवला,
फिर भी प्यारा लगे आंवला,
यह हर फल से न्यारा है,
लगता सबको प्यारा है,
लाल आंवला,हरा आंवला,
आयरन से है भरा आंवला,
नहीं बुढ़ापा आने देता,
बीमारी सबकी हर लेता,
एन्टीआक्सीडेंट भरा है,
पाचन विधि पर भी पहरा है,
यह मानव की त्वचा संवारे,
रोग दर्जनों इससे हारे,
वैद्यराज का दूत कहाए,
ऊर्जा नई-नई नित आए,
यह मधुमेह सही करता है,
हृदय रोग तन से हरता है,
गैस, कब्ज,एसिडिटी कम करे,
सर्दी खांसी को हजम करे,
कोलेस्ट्रॉल घटाता है,
तन मजबूत बनाता है,
हर पीढ़ी से नाता है,
यह आंवला कहलाता है,
इसके प्रति मत हो कन्फ्यूज,
जैसा चाहे करिए यूज ,
औषधियों से है भरपूर,
रखता बीमारी से दूर,
चूर्ण, मुरब्बा और अचार,
करे अतिथियों का सत्कार,
लड्डू,बर्फी भी बनवाएं,
जितना चाहे उतना खाएं,
ब्लड शूगर को कंट्रोल करे,
ब्लॉकेज नसवाली गोल करे,
इससे बनता है च्यवनप्राश,
आए न बुढ़ापा कभी पास,
रोगों को करता नहीं माफ,
करता रहता है खून साफ,
नयनों की ज्योति बढ़ाता है,
चर्बी व वजन घटाता है,
मरती कोशिका में जान भरे,
बालों की जड़ में प्रान भरे,
जो एक आंवला नित खाए,
वह लुटी जवानी फिर पाए,
खट्टा है तनिक कसैला है,
यह सभी फलों का छैला है,
मानव के लिए वरदान है ये,
वैद्यों के लिए गुणखान है ये,
चटनी,अचार या ज्यूस पियो,
सौ साल निरोगी बदन जियो,
यदि तेल लगाओ बालों में,
गिरते न कभी सौ सालों में,
दुनिया में सबसे आला है,
बेल्हा की शान निराला है,
इससे पैसा भरपूर मिले,
तरु से मानों कोहिनूर मिले,
रोजगार मिले, बाजार मिले,
दुनिया भर में व्यापार मिले,
खुद जागो और जगाओ रे,
आंवले की बाग लगाओ रे,
— सुरेश मिश्र
