दो दीप देश के
दो दीप जले थे भारत में,
जिनसे जगमग देश हुआ।
गांधी जी ने सत्य सिखाया,
अहिंसा का संदेश दिया।
सादा जीवन, ऊँचे विचार,
बापू की थी यही पुकार।
सच की राह कभी मत छोड़ो,
मिलकर भारत को तुम जोड़ो।
शास्त्री जी थे सरल महान,
भारत माँ के सच्चे लाल।
“जय जवान, जय किसान” से,
गूँजा अपना हिंदुस्तान।
मेहनत, साहस, स्वाभिमान,
इनसे बढ़ता देश महान।
दोनों महापुरुषों को नमन,
भारत माता का अभिनंदन।
सत्य-अहिंसा अपनाएँ हम,
श्रम की महिमा गाएँ हम।
गांधी–शास्त्री के आदर्शों से,
नया भारत बनाएँ हम।
— गोपाल कौशल भोजवाल
