सामाजिक

शारीरिक सुख की लालसा का भयंकर परिणाम

शारीरिक सुख की चाहत जितनी तेजी से नई उम्र लड़कियों में बढ़ रही हैं, उसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि भविष्य में पुरुष वेश्यावृत्ति में जबरदस्त वृद्धि होने वाली है। अपने 22 साल के मेडिकल करियर में मैंने यह देखा है। मैं पुणे के एक बहुत ही नामचीन संस्था में स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में काम करती हूं। आज जो मैं आपको बताने वाली हूं उसे हर माता-पिता को जानना चाहिए।
आज से लगभग 12 साल पहले एक दिन मेरे पास एक लड़की आई, जिसकी उम्र लगभग 21 साल होगी। उसने बताया कि उसे काफी दिन से चक्कर आते हैं और पेट में दर्द होता है। मैंने उसकी सारी जांच की, तो पाया कि उसके गाल ब्लैडर में सूजन है। मैने पहले उसे सहज किया और फिर पूछा कि क्या तुम फिजिकली एक्टिव हो। उसने तुरंत ना में जवाब दिया। मैने कुछ मेडिसिन लिखकर उसे दीं, जो मुख्यतः मल्टी विटामिन और पेन किलर थीं, क्योंकि बिना सच्चाई जाने कोई दवा नहीं देनी चाहिए। मैने उससे कहा कि 3 दिन बाद आओ।
3 दिन बाद जब वह आई, तो मैंने बात को घुमाते हुए पूछा कि बताओ, क्या तुम फिजिकली एक्टिव हो? ये बात हम दोनो के बीच में रहेगी? तब उसने बताया कि हां उसका एक बॉयफ्रेंड है और वो उसके साथ फिजिकल होती है यानी शारीरिक सम्बंध बनाती है।
मैंने पूछा- फिजिकल होने के बाद क्या करती हो?
उसने बताया कि उसके बाद मैं गर्भ न ठहरने की दवाई लेती हूँ।
मैने पूछा- कितनी दवाई लेती हो? उसने बताया- 2 टैबलेट।
मैने पूछा- कितनी बार, उसने बताया- 72 घंटे में एक बार।
फिर मैने पूछा- कितना सम्बन्ध बनता है? उसने जवाब दिया- रोज।
मैने कहा- मतलब महीने में 9 से 10 बार तुम टैबलेट खाती हो?
उसने कहा- हां।
मेरा दिमाग घूम गया। मैने उसे बताया कि यह गोली जहर है, तुम्हारे जैसे लोगों के मजा लेने के लिए नहीं बनायी गयी है, और तुम इसे मजा लेने का साधन समझ रही हो। वह डर गई और रोने लगी। आज भी वह लड़की मेरी पेशेंट है और अब वह कभी मां नहीं बन सकती।
यह बात तो 12 साल पुरानी है, लेकिन आज लगभग हर लड़की 17-18 साल की उम्र में सेक्सुअली एक्टिव हो जाती है। इसका बड़ा कारण इंटरनेट पर उपलब्ध अश्लील सामग्री है, जो लड़कियों के मन में भी ये आग लगाती है कि एक बार करके देखते हैं।
लेकिन जो बात घातक सिद्ध हो रही है वह है- इन दवाओं का खुले में मिलना। लोगों ने इसे मजा लेने का स्थान बना लिया है। हालांकि इस पर लिखा है- इमरजेंसी पिल। यानी कि यदि सीमन (वीर्य) भूल वश अन्दर चला गया है, तो यह गर्भ ठहरने से रोकती है। खुद सोचिए यदि यह साधारण दवा होती तो इसे इमरजेंसी पिल नाम क्यों दिया जाता? लेकिन लोग तब भी सिर्फ मजा लेने के लिए इसका सेवन कर रहे हैं।
आज कल की लड़किया इस बात को नहीं जानती कि यह दवा कितनी घातक है। एक बार खाई गई यह गोली आपके मां बनने की संभावना को 10 से 15 प्रतिशत तक कम कर देती है और बार-बार ऐसा करने पर माँ बनने की संभावना सदा के लिए समाप्त हो जाती है। लेकिन हवस की आग में जल रही लड़कियों को थोड़ा शारीरिक सुख चाहिए और उस सुख के लिए वे अपना शरीर दाँव पर लगाने के लिए अर्थात् बाँझ कहलाने के लिए तैयार हैं।

— संकलित (फेसबुक से साभार)

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