क्षणिका वेलेंताइन सप्ताह जय प्रकाश भाटिया 10/02/201611/02/2016 यह सप्ताह —- मति भ्रष्ट है सबकी … ना काम न धंधा, ऊपर से मुफ्त का पंगा, जेब भी खाली ,ऊपर से नाराज़ घरवाली
हा हा .