गीत/नवगीत

जीवन सरिता बहती प्रतिपल

कुछ पल का ठहराव ये पथ में, ठहरो, पर, ये, धाम नहीं है।
जीवन सरिता बहती प्रतिपल, रूकने का कोई काम नहीं है।।

जन्म से लेकर मृत्यु तक।
शमशान से बस्ती तक।
अकिंचन से बड़ी हस्ती तक।
हवाई जहाज से कश्ती तक।

अविरल यात्रा है इस जग में, रुक जाए, वह नाम नहीं है।
जीवन सरिता बहती प्रतिपल, रूकने का कोई काम नहीं है।।

शिक्षा ही प्रगति लाती है।
शिक्षा मानव को भाती है।
शिक्षा से पथ मिलता सबको,
शिक्षा विकास गान गाती है।

प्रकृति से शिक्षा मिलती है, शिक्षा बिन कोई राम नहीं है।
जीवन सरिता बहती प्रतिपल, रूकने का कोई काम नहीं है।।

प्रेम नहीं, कभी ठहरा है।
उथला हो या फिर गहरा है।
परिवर्तन है प्रकृति प्रकृति की,
थमा नहीं कोई चेहरा है।

दिन भी चलता, रात भी चलती, गति की कोई शाम नहीं है।
जीवन सरिता बहती प्रतिपल, रूकने का कोई काम नहीं है।।

डॉ. संतोष गौड़ राष्ट्रप्रेमी

जवाहर नवोदय विद्यालय, मुरादाबाद , में प्राचार्य के रूप में कार्यरत। दस पुस्तकें प्रकाशित। rashtrapremi.com, www.rashtrapremi.in मेरी ई-बुक चिंता छोड़ो-सुख से नाता जोड़ो शिक्षक बनें-जग गढ़ें(करियर केन्द्रित मार्गदर्शिका) आधुनिक संदर्भ में(निबन्ध संग्रह) पापा, मैं तुम्हारे पास आऊंगा प्रेरणा से पराजिता तक(कहानी संग्रह) सफ़लता का राज़ समय की एजेंसी दोहा सहस्रावली(1111 दोहे) बता देंगे जमाने को(काव्य संग्रह) मौत से जिजीविषा तक(काव्य संग्रह) समर्पण(काव्य संग्रह)