नजरिया
थोडासा संयम धारो,
थोडासा सबर करो,
देखो कितना सुंदर नजारा,
थोडासा नजरिया बदलो।।
नीलाई में घुलता हो सबरंग,
मन में तितलियों सी उमंग,
उमडे हिय हिलोर तरंग,
अंतस पटल हो सौहार्द रंग।।
जटिलताएं होंगी परास्त,
दुर्दिन होंगे अब अस्त,
खींचो सौभाग्य लकीर,
यश वैभव पथ प्रशस्त।।
दीपमालाएं हो बंदनवार,
प्रेम सरिता जल झंकार,
वन में मोर करे टहुकार,
झूमे, गाये सारा संसार।।
मानवता भाव तारणहारा,
दुर्भाव से होता अंधियारा,
अनुरागी हो जीवन धारा,
लक्ष-लक्ष दीप उजियारा।।
