ज्ञानमय प्रभात हो
उन सभी को प्रणाम जिन्होंने हमेशा कुछ न कुछ सिखाया, गलतियाँ सुधारी 🙏🏽🙏🏽
हे गुरुवर हम आपका, करें सदा सम्मान।
मिले निरन्तर आपसे,हमको पावन ज्ञान।।
गुरु बिन ज्ञान नहीं हो पाए।
चरण पूजकर सब मिल जाए।।
निपढ़ मूढ़ को ज्ञान सिखाया।
छंद विधा का पाठ पढ़ाया।।
दोहा रोला अरु चौपाई।
धीर धार तुमने सिखलाई।।
शीश करें नत सदा तिहारे।
अन्धकार से जगत उबारे।।
हे गुरुवर रखना कर माथा ।
लोक पावनी तुम्हरी गाथा।।
संकट कभी न तुमको घेरे।
लगे रहे दर सुख के डेरे ।।
ज्ञानदायिनी शिवानुजा सम।
करें प्रार्थना बस इतनी हम।।
दमके हरपल तेरी काया।
मिले सदा निर्मल सी छाया।।
गुरुवर पद रज आपकी,रखते हैं हम शीश।
हे! गुरुवर बस आप ही,मेरे प्रिय जगदीश।।
— सविता सिंह मीरा
