आजादी की महक
आजादी की महक हवाओं में है,
शौर्य की चमक निगाहों में है,
तिरंगा लहराता है शान से,
हर दिल में भारत का मान है।
शहीदों का लहू है इस मिट्टी में,
बलिदान की गाथा है हर कण-कण में,
गूँज रही है वीरों की पुकार,
रहे सदा ऊँचा भारत का ताज अपार।
आओ मिलकर एक नया प्रण लें,
नफरत छोड़, मोहब्बत का तन मन लें,
विकास की राह पे बढ़े हर कदम,
समानता का हो हर जगह पर संगम।
स्वतंत्रता के इस पावन पर्व पर,
देशभक्ति के दीप जलाएं घर-घर,
सपनों का भारत साकार करें,
भारत माँ का जयगान बार-बार करें।
— हेमंत सिंह कुशवाह
