गाली
गाली देते हो,
अपनी ज़ुबान गन्दी करते हो,
दिल में कितनी अश्लीलता भरी है
यह भी दुनिया को दर्शाते हो
बात बात में साला , या
माँ बहन की रट लगाते हो,
क्यों
अपनी मूर्खता का
सबको परिचय करवाते हो,
किसी को गाली देते हो,
वो तो गाली लेगा नहीं.
तुम्हारे पास ही रह जाएगी
किसी की माँ बहन करने से पहले
अपनी माँ बहन के बारे में सोचो-
बात बात में किसी को भी
अपनी पत्नी का भाई मत बनाओ,
मृदु बोलो, मीठा बोलो,
गलती पर प्यार से समझाओ,
अश्लील गाली की आड़ लोगे
दुनिया की नज़रो में गिर जाओगे ,
जितना अपने मुख से अमृतवाणी गाओगे,
श्री राम कृपा से उतना ही सुख पाओगे.
— जय प्रकाश भाटिया
