हालात तय करते हैं सबकुछ
बर्फ़ पिघलती है
सूरज की हल्की छाया
नदी बह निकली
सर्द हवाओं में
पेड़ झुकते धीरे-धीरे
पतझड़ की राह
बारिश की बूँदें
खेतों में जीवन लाती
हरियाली मुस्काए
सूरज ढलते हैं
सुनहरी रौशनी में
छाया लंबी हो
चाँद की चांदनी
सन्नाटा को छूती है
रात शांतिपूर्ण
फूल खिलते हैं
बगिया में रंगों का संग
प्रकृति मुस्काए
हवाओं की सरसराहट
कागज की नाव में गीत
सपने बहते हैं
बच्चों की हँसी
गली में गुंजती है
खुशियों की छाया
पतझड़ आता है
नई उम्मीदों के संग
जीवन बदलता
— डॉ. अशोक
