सब मिलकर क़दम बढ़ाए
चलो प्रगति का क़दम बढ़ाए,
आजा भारत देश सजाएं।
माला की किरणे घर तेरा ,
चलो लक्ष्य से प्रीत लगाएं।
आ जा भारत देश सजाएं,
कलम बनी हैं ताक़त मेरी ।
मंजिल पाने की कैसी देरी,
चलो लक्ष्य से प्रीत लगाएं।
आ जा भारत देश सजाएं,
चलो ज्ञान का दीप जलाएं।
आ जा भारत देश सजाएं।
सब मिलकर जन गण मन गाएं,
आ जा भारत देश सजाएं।
देश भक्ति के नारे लगाएं,
आ जा भारत देश सजाएं।
— आसिया फारूकी
