लघुकथा : कमज़ोरी
इंटरव्यू चल रहा था। पाँच सीनियर्स के पैनल में वो भी बैठा था — वही, जिसने कभी मेरी कमज़ोरी का फ़ायदा उठाने की कोशिश की थी।
वो: “आपकी सबसे बड़ी कमजोरी?”
मैं: “मैं आसानी से माफ़ कर देती हूँ…”
वो (बीच में टोकते हुए): “तो क्या आपने…?”
मैं (मुस्कुराकर): “Let me complete… मैं आसानी से माफ़ कर देती हूँ, पर मैं कभी भूलती नहीं।”
कुछ क्षण के मौन के बाद माहौल बदल गया।
सीनियर पद के लिए मेरा अपॉइंटमेंट लेटर तैयार था — और उसी शाम ख़बर आई… उसने इस्तीफ़ा दे दिया था।
— अंजु गुप्ता ‘अक्षरा’
