कविता

जादू

आओ तुम्हें जादू एक दिखाएं
सबको हम आज कुछ बताएं।

कौन करे क्या कहना मुश्किल,
तिकड़म कईं लगाए काबिल।

मोबाइल पर स्नैप चैट अजीब,
कर दे सबको झक्कास हसीन।

“ए- आई” का अब आया ज़माना
किसी को कुछ भी आसान बनाना।

शब्दों का अर्थ तुम झट से जानो
बस सर्च का बटन दबाना जानो।

गुगल जी सबकी मदद हैं करते,
हर लोकेशन, जानकारी रखते।

पूरी दुनिया अब एक ही समझो,
हर कोने को बाकिफ समझो।

अपने ऊपर करो एतबार कभी,
फोटो ऐसी ,दिखेंगी न कोई कमी।

रंग रूप का छोड़ो पुराना ख्याल,
फिल्टर से तुम मचाओ धमाल।

हाँ, पर भूल न जाना ये इक बात,
असलियत जानते हैं वो भगवान।

अच्छे के लिए इस्तेमाल करो सब
जादू को न तुम बेकार करो जब।

— कामनी गुप्ता

कामनी गुप्ता

माता जी का नाम - स्व.रानी गुप्ता पिता जी का नाम - श्री सुभाष चन्द्र गुप्ता जन्म स्थान - जम्मू पढ़ाई - M.sc. in mathematics अभी तक भाषा सहोदरी सोपान -2 का साँझा संग्रह से लेखन की शुरूआत की है |अभी और अच्छा कर पाऊँ इसके लिए प्रयासरत रहूंगी |