मदहोश ख्याल
सूरज की किरण,
ख्यालों की हल्की हवा,
मन को छू जाए।
चाँदनी रात में,
स्वप्न बुनते ख्याल मिलें,
दिल बहक उठे।
फूलों की खुशबू में,
ख्यालों का रंग घुला,
मन महक उठे।
नदी की बहती लय,
ख्यालों को बहा ले जाए,
शांति मिलती रहे।
हवाओं की सरसराहट,
ख्यालों में नमी घोले,
मन तरंगित हो।
तारों की झिलमिल में,
ख्यालों की झलक दिखे,
सपनों का संसार।
सांझ की हल्की छाया,
ख्यालों की मिठास लाए,
मन को सुकून।
पक्षियों की चहचहाहट,
ख्यालों में गीत भर दे,
दिल बहक जाए।
सुनहरी यादों में,
ख्यालों की हल्की रौशनी,
जीवन महके।
शब्दों की नर्म धारा,
ख्यालों की आवाज़ बने,
मन को छू जाए।
चुप्पियों में भी बस,
ख्यालों का मधुर संगीत,
हृदय को छू ले।
सपनों के पंखों पर,
ख्याल उड़ते रहें,
मन हर्षित हो।
सूरज की पहली किरण,
ख्यालों में आशा जगाए,
नव ऊर्जा भरें।
सर्द हवाओं में,
ख्यालों का गर्म आलिंगन,
मन को राहत दे।
फूलों की छाया में,
ख्यालों की हल्की मुस्कान,
जीवन महके।
साँझ की लालिमा में,
ख्यालों की हल्की झलक,
मन को छू जाए।
संगीत की लय में,
ख्यालों का जादू बहे,
हृदय महक उठे।
नींद की मुलायम चादर,
ख्यालों में रंग भर दे,
मन सुकून पाए।
चाँद की चांदनी में,
ख्यालों का मधुर संगम,
जीवन सजता है।
सुनहरी यादों में,
ख्यालों की हल्की छाया,
मन को शांति मिले।
हवाओं की नर्मी में,
ख्यालों का मधुर स्पर्श,
हृदय महके।
सपनों की रौशनी में,
ख्यालों की हल्की मिठास,
मन महक उठे।
साँझ की हल्की हवा,
ख्यालों में शांति भर दे,
जीवन महके।
— डॉ. अशोक
