कविता

जीवन के मस्त नजारो में

जीवन के मस्त नजारो में
कुछ आन बान शान लिए
इन मस्त झरोखों से देखे
झिलमिल सितारों के झुंडे
ले मस्त गगन से उतर रही
ये मस्त हवाएं जोरो से
इन वृक्षों को झकझोर रही
पेड़ पौधे सब मिल झूम रहे
वन बागों को संदेश दिए
देखो सूरज भी लाली लिए
नए जीवन में उमंग भरे
नई खुशहाली, नई ताजगी
नए जीवन को वरदान दिए।

— विजया लक्ष्मी

*विजया लक्ष्मी

बिजया लक्ष्मी (स्नातकोत्तर छात्रा) पता -चेनारी रोहतास सासाराम बिहार।