धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

गौमाता के हितों के लिए जागरूक होना आवश्यक 

भारतीय संस्कृति में गाय को गौमाता के रूप में पूजा जाता है|गौमाता हमारे धर्म ,संस्कृति और कृषि व्यवस्था का अभिन्न अंग है|अवैध तस्करी,गौवध  और लापरवाही के कारण गौवंश  की संख्या प्रभावित हो रही है|गौवंश खुले में पड़ी सड़ी -गली वस्तुएं ,प्लास्टिक,कागज़ आदि खाने को मजबूर है|गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा मिलना चाहिए|गौमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिए बिना हम अपनी आत्मा की रक्षा नहीं कर सकते|भारतीय संस्कृति में गौ सेवा का प्रमुख स्थान है|जिससे हमारे धार्मिक कार्य पूर्ण होते आये है। विदेशो में भी अब गाय के स्पर्श को प्राथमिकता दी जाकर स्ट्रेस कम किये जाने का चलन हो भी चूका है|जिससे बींमारी ठीक होती है|सड़को पर पशु के घुमने पर पशु पालक पर एक हजार रु जुर्माना भी निर्धारित किया है।जयपुर में गाय के भटकने हेतु आवारा शब्द नहीं कहा जाएगा आश्रयहीन कहा जायेगा।साथ ही इसके पूर्व गाय के लिए आवारा शब्द पर भी प्रतिबंध किया गया है |गौ रक्षा पालन संवर्धन हेतु सामाजिक धार्मिक संस्थाएं एवं सेवा भावी लोग लगातार संघर्षरत है|क्योकि गाय हमारी माता है एवं गौ रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है|गोवंश की रक्षा हेतु सभी को जागृत रहना होगा।गौवंश की महिमा के बारे में ग्रंथों में उल्लेख है।माननीय डॉ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी ने प्रदेश की जनता से अपील की अगर आपके पास के हित पर्याप्त जगह है तो गाय अवश्य पाले। 

— संजय वर्मा “दृष्टि”

*संजय वर्मा 'दृष्टि'

पूरा नाम:- संजय वर्मा "दॄष्टि " 2-पिता का नाम:- श्री शांतीलालजी वर्मा 3-वर्तमान/स्थायी पता "-125 शहीद भगत सिंग मार्ग मनावर जिला -धार ( म प्र ) 454446 4-फोन नं/वाटस एप नं/ई मेल:- 07294 233656 /9893070756 /antriksh.sanjay@gmail.com 5-शिक्षा/जन्म तिथि- आय टी आय / 2-5-1962 (उज्जैन ) 6-व्यवसाय:- ड़ी एम (जल संसाधन विभाग ) 7-प्रकाशन विवरण .प्रकाशन - देश -विदेश की विभिन्न पत्र -पत्रिकाओं में रचनाएँ व् समाचार पत्रों में निरंतर रचनाओं और पत्र का प्रकाशन ,प्रकाशित काव्य कृति "दरवाजे पर दस्तक " खट्टे मीठे रिश्ते उपन्यास कनाडा -अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्व के 65 रचनाकारों में लेखनीयता में सहभागिता भारत की और से सम्मान-2015 /अनेक साहित्यिक संस्थाओं से सम्मानित -संस्थाओं से सम्बद्धता ):-शब्दप्रवाह उज्जैन ,यशधारा - धार, लघूकथा संस्था जबलपुर में उप संपादक -काव्य मंच/आकाशवाणी/ पर काव्य पाठ :-शगुन काव्य मंच