कविता

जिंदगी के पल

प्रतिपल ही हंसना है|
हमको खुश रहना है|
सुख-दुख दो पहलू हैं

खुशी-खुशी गहना है|

काँटे हैं राहों में
सहज पार करना है|
मुश्किल में बढ़ना है।
बढ़कर कुछ करना है|

जीवन में कुछ कर गुजरना है|
राहों को सरल बनाना है|
जिंदगी को खुशी से बिताना है|
रिश्तों को मधुर बनाना है|

पुरानी बातों भूल आगे बढ़ना है|
दुनियां के साथ चलना है|
आत्मविश्वास मन में जगाना है|
मंजिल को हमें पाना है!

— पूनम गुप्ता

पूनम गुप्ता

मेरी तीन कविताये बुक में प्रकाशित हो चुकी है भोपाल मध्यप्रदेश