गीत/नवगीत

होली का त्योहार है आया

मनभावन होली का त्योहार है आया,
हजारों रंग अपने साथ उपहार में लाया ।

घर गली मोहल्ले नगर द्वार चौबारे,
खुशियों के रंगों में रंग जाते सारे,
डफ की धुनों पर मचाते हैं धमाल,
तर-बतर हो रंगों में उड़ाते गुलाल,
मन के विषाद को सबने है भूलाया ।

रंग-बिरंगे रंगों में लगते बड़े प्यारे,
प्रेम के रंगों में रंग जाते जब सारे,
ये रंग दूरियॉं मिटा लाते हैं पास,
दिलों में भर देते “आनंद” मिठास,
जनमानस में देखो उल्लास है छाया ।

खुशनुमा मनमोहक लगते ये नजारे,
मौज-मस्ती के रंग में रंग जाते सारे,
एक ऑंगन में महके है रिश्तों का इत्र,
सपरिवार बच्चे बड़े बुजुर्ग युवा मित्र ,
सबने एक दूजे को रंग खूब लगाया ।

मनभावन होली का त्योहार है आया,
हजारों रंग अपने साथ उपहार में लाया ।

— मोनिका डागा “आनंद”

*मोनिका डागा 'आनंद'

चेन्नई, तमिलनाडु