महिला दिवस
शक्ति का स्वरूप है नारी,
प्रेम की मधुर छाँव है नारी।
ममता और करुणा की गंगा,
सेवा का सुंदर भाव है नारी।
विश्वास की पहचान है नारी,
हर रिश्ते की शान है नारी।
कठिन समय में राह दिखाए,
साहस की उड़ान है नारी।
प्यार का दीप जलाती नारी,
सबके मन को भाती नारी।
अपने दुख छुपा कर भी,
सबको खुशियाँ देती नारी।
जीवन का नया पाठ पढ़ाती,
हर रिश्ता खूब निभाती नारी।
सच तो यह है इस दुनिया में,
जीवन अधूरा है नारी बिन।
नारी तू पहचान स्वयं को,
अपनी शक्ति को जान तू।
खुशियों का सागर है तेरे भीतर,
प्रणाम है तुझको हे नारी।
— गरिमा लखनवी
