बजरंगबली करिए ऐसी कृपा
चैत्र की पूर्णिमा का पावन उजियारा,
ये हर दिल में गूंजे जयकारा तुम्हारा।
हे अंजनी के लाल ओ पवनसुत वीर,
तुम संकट हरने वाले, भक्तों के धीर।
लाल सिंदूर में सज रहा तुम्हारा रूप,
भक्ति में डूबा हर जन व स्वर अनूप।
ईश्वर तुमसे ही साहस, तुमसे ही बल,
हर मुश्किल में हमारा बनते हैं संबल।
आओं “राम” नाम की ज्योति जलाए,
वे सभी को अंधकार में राह दिखाए।
तुमरी कृपा से मिटे हर पीड़ा हर भय,
हमारे जीवन में भर जाती है नई लय।
ये मंगलकारी, संकट मोचन कहलाए,
सब भक्तों के कष्ट क्षणभर में मिटाए।
हे प्रभु तेरी भक्ति में जो मन रम जाए,
उन सबका जीवन भी सफल हो जाए।
हे बजरंगबली करिए हमपे ऐसी कृपा,
हृदय में बस जाए छवि सदा स्वरूपा।
लीला जय हनुमान की गूंजती हर द्वार,
भक्तिमय हो के भर जाए सारा संसार।
— संजय एम तराणेकर
