मौका मिल जाए अभी भी
मौका मिल जाए
अभी भी साधु बन जाऊंगा ।
सनम की बेवफाई
भजन समझकर गाऊंगा।।
मौका मिल जाए… 2
सनम की बेवफाई
भजन समझकर गाऊंगा ।।
सनम की बेवफाई… 2
मौका मिल जाए
अभी भी साधु बन जाऊंगा ।।
हरे राम… हरिराम… हरे राम…!
बेवफाई के रास्ते सभी बदनाम !!
कैसा चक्रव्यूह में फंसा हूँ,
कैसा दशा पा रहा हूँ ।
समय से पहले हुआ प्यार में
खुद को फंसा पा रहा हूँ ।।
मौका मिल जाए
अभी भी साधु बन जाऊंगा ।
सनम की बेवफाई
भजन समझ कर गाऊंगा ।।
बेवफा की बेवफाई में
जोड़ दिया विश्वास का डोर ।
मिलते मिलते टूट गया
घिस गया बंधन का डोर ।।
हरे राम… हरिराम… हरे राम…!
बेवफाई के रास्ते सभी बदनाम !!
बेवफाई का पोल खुल गया
प्यार का क्या मोल ।
बर्बादी के पथ पर चल पड़ा
ये जीवन अनमोल ।।
जीवन भर पछतावा
उन्हीं का पाता रहूंगा ।
मौका मिल जाए
अभी भी साधु बन जाऊंगा ।
सनम की बेवफाई
भजन समझ कर गाऊंगा ।।।।
— मनोज शाह ‘मानस’
