बाल कविता

नन्हा संवाद

नन्हा मुन्ना खड़ा सड़क पर,
आँखों में कुछ सवाल लिए।
दादा झुककर पास में आए,
प्यार भरे कुछ ख्याल लिए।

धीरे-धीरे बात ये बोले,
“क्या सोच रहे हो प्यारे?”
मुस्काकर वो चुप ही रहा,
जैसे राज छुपाए सारे।

पत्ते झरते, हवा सहलाए,
दुनिया कितनी न्यारी है।
नन्हे दिल की छोटी बातें,
सबसे ही तो प्यारी हैंब

दादा की वो स्नेह भरी नजर,
मन में हिम्मत भर जाती।
ऐसे ही हर छोटी सीख,
जीवन को सुंदर बनाती।

— डॉ. प्रियंका सौरभ

*डॉ. प्रियंका सौरभ

रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस, कवयित्री, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, (मो.) 7015375570 (वार्ता+वाट्स एप) facebook - https://www.facebook.com/PriyankaSaurabh20/ twitter- https://twitter.com/pari_saurabh