कश्ती तेरे नसीब की कोशिश सही है
धीमी सी लहर
हौसलों का सफ़र
चुप सा साहस
टूटे किनारे
फिर भी बढ़ती राह
आशा का दीप
अधूरी राहें
कोशिशों की जीत
मन में उजाला
छोटे कदम
बनते हैं मंज़िल
सच का संग
गहरी रात
तारों का सहारा
मन अडिग
लहरों का शोर
हिम्मत की पुकार
नव विश्वास
सपनों की नाव
धैर्य की पतवार
सफर जारी
— डॉ. अशोक
