कविता

खामोश हो गई वह आवाज

जिसने सारी दुनियां पर अपनी
आवाज से सालों किया राज
लता की थी छोटी बहन
खामोश हो गई आज वह आवाज

आशा ताई के नाम से भी थे लोग उनको बुलाते
हर उम्र के लोग हैं उनके गाने गाते
संगीत की दुनियां में बहुत बड़ा नाम था उनका
अभी न जाओ छोड़ कर जैसे गाने हैं अब याद आते

किरदार बन कर डाल देती थी गाने में जान
लोग कभी भूल नहीं सकते उनका नाम
संगीत में दिए योगदान से ही मिला था
उनको दादा साहब फाल्के सम्मान

आशा ताई कोई ऐसे ही नहीं बन जाता
उम्र भर मेहनत की भट्ठी में है जलना पड़ता
कैसे भूल सकता है यह जहान उनको
जो मेहनत के दम पर है दुनियां में नाम करता

— रवींद्र कुमार शर्मा

*रवींद्र कुमार शर्मा

घुमारवीं जिला बिलासपुर हि प्र

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