कविता

आशा भोसले – सुरों की अमर सरगम

स्वर की वो रानी, सुरों की मूरत,
हर दिल में बसती, मधुर सी सूरत।
गीतों की गंगा, सुरों का सागर,
तेरी आवाज़ में है जादू का घर।

कभी ठुमरी, कभी ग़ज़ल का रंग,
हर धुन में झलके जीवन के ढंग।
तेरी तान में छुपा हर एहसास,
हँसी भी तेरी, तेरे ही पास।

सदियों तक गूंजेगा तेरा ये नाम,
संगीत जगत में तेरा ही धाम।
हर दिल से निकले बस यही वंदना—
तू रहे अमर, यही है साधना।

संगीत की अमिट विरासत को शत-शत नमन।

— डॉ. प्रियंका सौरभ

*डॉ. प्रियंका सौरभ

रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस, कवयित्री, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, (मो.) 7015375570 (वार्ता+वाट्स एप) facebook - https://www.facebook.com/PriyankaSaurabh20/ twitter- https://twitter.com/pari_saurabh

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