कुण्डली/छंद

त्रिभंगी छंद

अमरित हिय धारा, जीवन तारा, नेह फुलोरा, सुख दाता।।

ईश्वर प्रतिरूपा, शक्ति स्वरूपा, छत्र अनूपा, प्रिय माता।।

आँचल शुचि छाया, निर्मल माया, मीठी लोरी, रस झरता।।

गुरुवर-सी शिक्षा, कौशल दक्षा, माँ की ममता, मन खिलता।।

*चंचल जैन

मुलुंड,मुंबई ४०००७८