त्रिभंगी छंद
अमरित हिय धारा, जीवन तारा, नेह फुलोरा, सुख दाता।।
ईश्वर प्रतिरूपा, शक्ति स्वरूपा, छत्र अनूपा, प्रिय माता।।
आँचल शुचि छाया, निर्मल माया, मीठी लोरी, रस झरता।।
गुरुवर-सी शिक्षा, कौशल दक्षा, माँ की ममता, मन खिलता।।
अमरित हिय धारा, जीवन तारा, नेह फुलोरा, सुख दाता।।
ईश्वर प्रतिरूपा, शक्ति स्वरूपा, छत्र अनूपा, प्रिय माता।।
आँचल शुचि छाया, निर्मल माया, मीठी लोरी, रस झरता।।
गुरुवर-सी शिक्षा, कौशल दक्षा, माँ की ममता, मन खिलता।।