मेडी क्लेम
मेडी क्लेम कंपनियों ने जिस प्रकार से लूट मचा रखी है इसका कोई हल निकालना चाहिए।
आप बचपन से लेकर वरिष्ठ नागरिक बनने तक हर वर्ष इनका प्रीमियम देते रहे लेकिन जैसे ही आप वरिष्ठ नागरिक बनते हैं, एक तो हर साल का प्रीमियम बहुत ज्यादा बढ़ता जाता है और अगर आपने पहले से पॉलिसी नहीं ली हुई है तो नई पॉलिसी नहीं दी जाती।
कोई मेडिक्लेम पॉलिसी इसलिए नहीं लेता कि वह बीमार पड़े, अस्पताल जाए और फिर क्लेम ले, केवल यह एक इंश्योरेंस है ,लेकिन एक प्रकार से यह एक तरह का अनुदान है जो उन लोगों के काम आता है जो बीमार होते हैं, हस्पताल में दाखिल होते हैं और उनकी सहायता हो जाती है।
मेरा सुझाव है कि एलआईसी की तरह, पॉलिसी लेते हुए जिस व्यक्ति की जो उम्र है उसके हिसाब से इसका प्रीमियम सारी जिंदगी के लिए तय कर देना चाहिए जो उसे हर साल देना है और उसे जिंदगी के अंत तक यह सहायता मिलनी चाहिए।
मैं जब पॉलिसी ली थी, प्रीमियम परिवार का ₹10000 था, उम्र बढ़ने के साथ-साथ प्रीमियम बढ़ता गया अब वरिष्ठ नागरिक होने पर यह लगभग 50000-60000 के बीच में है, जो अब मैं सेवा निवृत होने के बाद नहीं चुका सकता, बताइए ऐसी हालत में इंसान क्या करें.
आप भी अपना विचार प्रकट करें।
— जय प्रकाश भाटिया

मेरे विचार से आपको मेडीक्लेम पॉलिसी लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। सबसे पहले आपको भारत सरकार का आयुष्मान कार्ड ले लेना चाहिए, जो सभी के लिए उपलब्ध है। फिर आपको प्रतिदिन 30-45 मिनट तक टहलना, योग, व्यायाम आदि करना चाहिए और अपना खान-पान सात्विक रखना चाहिए। इससे कभी बीमार पड़ने का प्रश्न ही नहीं उठता। मात्र 2-3 हजार रुपये प्रतिवर्ष खर्च करके आप अपना पूरा मेडीकल चेकअप करा सकते हैं, जिससे पता चल जाएगा कि आपको कोई बीमारी तो नहीं लग रही है। फिर उसका उपचार कराया जा सकता है।