सुरक्षा और उपाय
आजकल जिस प्रकार से वाहनों का सड़कों पर चलन बहुत ज्यादा बढ़ गया है उसी प्रकार से दुर्घटनाएं भी बढ़ रही है। लेकिन चिंता का विषय यह है कि सड़क और यातायात संबंधी जानकारी का लोगो में आजकल पूर्णत अभाव है। पढ़े-लिखे लोग भी सुरक्षा के उपाय तक नहीं समझते, और अक्सर यात्रा करते समय ,गाड़ी चलाते समय बहुत गलतियां करते हैं
दो पहिया जैसे साइकिल स्कूटर आदि में यह चीज अक्सर पाई जाती है कि दाहिने मोड़ते समय कभी हाथ का इशारा नहीं करते,और साइड रोड से मुख्य सड़क पर आने पर दाएं बाएं भी नहीं देखते। ऐसी हजारों गलतियां हैं जो पढ़े-लिखे लोगों में भी अक्सर देखने को मिलती है। यहां तक की दो पहिया वाहनों पर भी लोग मोबाइल पर बात करना बंद नहीं करते और कान के नीचे मोबाइल दबाकर चलते हैं ,ध्यान वहां रहता है ,और दुर्घटना की आशंका बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।
नशे की हालत में गाड़ी चलाना भी कम नहीं है,। यह भी देखा गया है कि ऐसी सड़कों पर जहां पुलिस की चेकिंग नहीं है सीट बेल्ट लगाना या हेलमेट पहनना भी लोग पसंद नहीं करते, जैसे यह चीज सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि केवल चालान से बचने के लिए ही पहनी जाती है। किसी चलती गाड़ी के बाई और से ओवरटेक करना भी बहुत खतरनाक होता है पर अक्सर ऐसा देखने को मिलता है।
मेरा सुझाव है कि प्राथमिक कक्षा से ही यातायात, आग, और सुरक्षा के अन्य उपायों का विषय अनिवार्य होना चाहिए। इसके लिए विस्तृत पाठ्यक्रम तैयार करना चाहिए, और यह विषय कम से कम दसवीं क्लास तक तो अनिवार्य ही होना चाहिए।
— जय प्रकाश भाटिया

आपने बहुत अच्छा सुझाव दिया है। जागरूकता ही समाधान है। सुरक्षा उपाय पहले से रखना बाद में इलाज करने से हमेशा बेहतर रहता है। अंग्रेजी में कहते हैं- Prevention is Better than Cure.