ज्वलंत समस्या
जंगल मे चिड़िया समुदाय की मीटिंग चल रही थी ।इस मीटिंग में कुछ ज्वलंत मुद्दे जैसे -पानी की समस्या, घोंसला कहाँ बनाएं, जनसंख्या दर में कमी जैसे मुद्दों पर बात चल रही थी ।तभी मीटिंग में आई एक चिड़िया उठ कर बोली “अध्यक्ष महोदय! आपको हमारे लिए जंगल के प्रधानमंत्री से बात करनी होगी ।हर वर्ष वे हमसे वादा करते हैं कि हम जंगल वासियों को हरा भरा परिवेश उपलब्ध कराएंगे लेकिन वादा कभी पूरा नहीं करते हैं ।”
हमारे बहुत से भाई बहनों को शहर में चिड़िया घर ले जाकर बसा दिया गया हैं। उन्हें हर सुख सुविधाएं उपलब्ध हैं रहने के लिए पिंजरा, हरियाली ,पानी ,साथ ही कूलर की ठंडी हवा इस बार हम भी शहर के चिड़िया घर जाना चाहते हैं । आप हमारा नाम भी लिस्ट में शामिल कर लें। यह तो मैं नहीं बता सकता यह काम चिड़िया घर की प्रबंधन कमेंटी तय करती है वहां कौन रहेगा ?
चिड़िया बोली “अध्यक्ष जी जब शहरीकरण वाले हमारे घर यानी पेड़ काट रहे थे उन्होंने हम से परमीशन क्यों नहीं ली ?
पेड़ ना होने की वजह हमारे घर नहीं बस रहें हैं हमारी जनसंख्या दर घट गई है। आप कुछ उचित उपाय करें।”
अध्यक्ष बोले, “मैं अध्यक्ष होने के नाते आपकी बात को ऊपर तक पहुंचा दूंगा ।” आज की मीटिंग समाप्त होती है।
— अर्विना गहलोत
