लघुकथा

ज्वलंत समस्या 

जंगल मे चिड़िया समुदाय की मीटिंग चल रही थी ।इस मीटिंग में कुछ ज्वलंत मुद्दे जैसे -पानी की समस्या, घोंसला कहाँ बनाएं, जनसंख्या दर में कमी जैसे मुद्दों पर बात चल रही थी ।तभी मीटिंग में आई एक चिड़िया उठ कर बोली “अध्यक्ष महोदय! आपको हमारे लिए जंगल के प्रधानमंत्री से बात करनी होगी ।हर वर्ष वे हमसे वादा करते हैं कि हम जंगल वासियों को हरा भरा परिवेश उपलब्ध कराएंगे लेकिन वादा कभी पूरा नहीं करते हैं ।”

हमारे बहुत से भाई बहनों को शहर में चिड़िया घर ले जाकर बसा दिया गया हैं। उन्हें हर सुख सुविधाएं उपलब्ध हैं रहने के लिए पिंजरा, हरियाली ,पानी ,साथ ही कूलर की ठंडी हवा इस बार हम भी शहर के चिड़िया घर जाना चाहते हैं । आप हमारा नाम भी लिस्ट में शामिल कर लें। यह तो मैं नहीं बता सकता यह काम चिड़िया घर की प्रबंधन कमेंटी तय करती है वहां कौन रहेगा ?

चिड़िया बोली “अध्यक्ष जी जब शहरीकरण वाले हमारे घर यानी पेड़ काट रहे थे उन्होंने हम से परमीशन क्यों नहीं ली ?

पेड़ ना होने की वजह हमारे घर नहीं बस रहें हैं हमारी जनसंख्या दर घट गई है। आप कुछ उचित उपाय करें।”

अध्यक्ष बोले‌, “मैं अध्यक्ष होने के नाते आपकी बात को ऊपर तक पहुंचा दूंगा ।” आज की मीटिंग समाप्त होती है।

— अर्विना गहलोत 

अर्विना गहलोत

जन्मतिथि-1969 पता D9 सृजन विहार एनटीपीसी मेजा पोस्ट कोडहर जिला प्रयागराज पिनकोड 212301 शिक्षा-एम एस सी वनस्पति विज्ञान वैद्य विशारद सामाजिक क्षेत्र- वेलफेयर विधा -स्वतंत्र मोबाइल/व्हाट्स ऐप - 9958312905 ashisharpit01@gmail.com प्रकाशन-दी कोर ,क्राइम आप नेशन, घरौंदा, साहित्य समीर प्रेरणा अंशु साहित्य समीर नई सदी की धमक , दृष्टी, शैल पुत्र ,परिदै बोलते है भाषा सहोदरी महिला विशेषांक, संगिनी, अनूभूती ,, सेतु अंतरराष्ट्रीय पत्रिका समाचार पत्र हरिभूमि ,समज्ञा डाटला ,ट्र टाईम्स दिन प्रतिदिन, सुबह सवेरे, साश्वत सृजन,लोक जंग अंतरा शब्द शक्ति, खबर वाहक ,गहमरी अचिंत्य साहित्य डेली मेट्रो वर्तमान अंकुर नोएडा, अमर उजाला डीएनस दैनिक न्याय सेतु

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