कविता

मुझे क्या

मतलब और बेमतलब
के बीच फंसा है मुझे क्या
किसी के घर किलकारी गूंजी
मुझे क्या
कोई बिमारी की वजह से बर्बाद
कोई ऐयासी के कारण कंगाल
कोई दानवीर बन वाह-वाही बटोरे
मुझे क्या
विकास के नाम पर हरियाली लुप्त
नयी शिक्षा पद्धति में फटकार लुप्त
कुर्सी के नीचे से बाबू तृप्त
मुझे क्या
दहेज का दूसरा पहलू कंगाल बनाये
बेटियां अब अक्सर तलाक ले इतराये
दहेज कानून में लिपट युवक
फांसी लगाये मुझे क्या
अब हजारों नहीं बल्कि लाखों में एक
सर्वेभवन्तु सुखिन: गाये
मुझे क्या
क्यों नहीं संवेदनाएं दिल पर दस्तक देती
क्यों नहीं पड़ोसी के सुख-दुख
हमारी चेतना जगाये ऐसे सवाल भी
कभी कभी रातों के नींद और
दिन का चैन उड़ा ले जाये ।

— आरती रॉय

*आरती राय

शैक्षणिक योग्यता--गृहणी जन्मतिथि - 11दिसंबर लेखन की विधाएँ - लघुकथा, कहानियाँ ,कवितायें प्रकाशित पुस्तकें - लघुत्तम महत्तम...लघुकथा संकलन . प्रकाशित दर्पण कथा संग्रह पुरस्कार/सम्मान - आकाशवाणी दरभंगा से कहानी का प्रसारण डाक का सम्पूर्ण पता - आरती राय कृष्णा पूरी .बरहेता रोड . लहेरियासराय जेल के पास जिला ...दरभंगा बिहार . Mo-9430350863 . ईमेल - arti.roy1112@gmail.com

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