भजन/भावगीत

भक्ति में शक्ति

भक्ति में शक्ति मिले और मिले विश्वास
ज्यों ज्यों पांव बढ़ाते जांव तो हो जावे मन शांत
शिव की पूजा से मन को मिले भक्ति आसार
कृष्ण की पूजा से जग में सब में प्रीत हो जाए
हनुमान की पूजा से सेवा भाव जग जाय
गंगा की नित पूजा से मन निर्मल हो जाय
ध्रुव तारा से सीखा हमने जग में कर्म महान
तुलसी के पूजा बिना नहीं कही कल्याण
सारे सृष्टि में देखा तो जग में कर्म प्रधान।

— विजया लक्ष्मी

*विजया लक्ष्मी

बिजया लक्ष्मी (स्नातकोत्तर छात्रा) पता -चेनारी रोहतास सासाराम बिहार।

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