बाल कविता
मेरी नानी कितनी अच्छी कहती है तुम सबसे अच्छी
गोलू भोलू पीहू सबमें तुम्हो सबसे अनोखे इसमें
तुम्हे देखकर लगता जग में बागो की कलिया हो जैसे
तुम मेरे हो प्राण प्यारे तुम हो मेरे आंख के तारे
तुम बागो के फुलवारी हो सबके मन के भावन हो।
— विजया लक्ष्मी
