किरदार अभी जिंदा है” कहानी संग्रह का हुआ भव्य लोकार्पण
गाजियाबाद से पधारी जानी मानी लेखिका एवं साहित्यकार श्रीमती लेखा वर्मा के संपादन में विभिन्न लेखकों द्वारा रचित कहानी संग्रह “किरदार अभी जिंदा है” का भव्य लोकार्पण का आयोजन साहित्यिक संस्था “स्त्री संचेतना” के तत्वाधान में विद्यालक्ष्मी चेरिटेबिल ट्रस्ट के सहयोग से मुजफ्फरनगर के शानदार होटल वेरिएशन में किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न नगरों से पधारे सुप्रसिद्ध साहित्यकार, कवि, लेखक और समीक्षक सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध लेखक, पूर्व प्रवक्ता एवं ज्योतिषविद डॉ राकेश कौशिक ने की ने की। मुख्य अतिथि के रूप में साहित्यक संस्था स्त्री संचेतना की अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कवियत्री श्रीमति सुमन प्रभा उपस्थित रही। मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध गजलकार एवं कवि पंडित रामकुमार शर्मा “रागी” उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं उनकी वंदना से किया गया। वरिष्ठ कवयित्री श्रीमती सुशीला शर्मा ने माँ सरस्वती की वंदना की। तत्पश्चात सभी अतिथियों को शॉल ओढ़ा कर, माला एवं पटका पहनाकर स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
वरिष्ठ साहित्यकार एवं सुप्रसिद्ध कवि तथा विद्यालक्ष्मी चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक डॉ कीर्ति वर्धन अग्रवाल द्वारा संस्था की ओर से श्रीमती लेखा वर्मा एवं उनके पति श्री योगेश वर्मा को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। डॉ कीर्ति वर्धन अग्रवाल ने कहानी संग्रह “किरदार अभी जिंदा है”, पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस पुस्तक की सभी कहानियाँ कहीं ना कहीं हम सबके जीवन की कहानियाँ हैं। ये कहानियाँ आत्म मंथन, चिंतन एवं जागृति का समृद्ध समावेश है। कभी हम तो कभी कहानी के चरित्र एक दूसरे से प्रेरित लगते हैं।
सुप्रसिद्ध हास्य कवि एवं कहानीकार पंडित रामकुमार शर्मा रागी ने कहा कि निश्चित रूप से यह कहानी संग्रह समृद्ध कहानियों का एक अनमोल ख़ज़ाना है। उन्होंने सभी १९ कहानियों के पात्र, उनकी पारिस्थितिक द्वंद एवं विवशताओं की बड़ी सुंदर समीक्षा की। उन्होंने कहानी में किरदारों की काल्पनिकता और वास्तविकता के भेद को भी समझाया।
वरिष्ठ साहित्यकार डॉ राकेश कौशिक ने लेखिका और इस पुस्तक की संपादक श्रीमती लेखा वर्मा के विषय में कहा कि वह न केवल साहित्य के क्षेत्र में नए लेखकों, कवियों और गीतकारों के लिए प्रेरणा स्रोत का कार्य करती हैं, साथ ही समय समय पर उनकी कृतियों को छापकर जनमानस तक भी पहुँचाती हैं। उन्होंने “समाधान”नामक एक कहानी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कहानी एक पिता और पुत्री के दायित्वों के मर्म को बड़े ही भावनात्मक रूप से प्रस्तुत करती है।
कार्यक्रम के दूसरे चरण ने कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। युवा कवियत्री वैष्णवी, ऋतु देशवाल, सपना अग्रवाल, सुमन युगल, सीमा मलिक, सुनीता सोलंकी, वीणा गर्ग, पूजा गोयल सुमन प्रभा, सुशीला शर्मा, शशि शर्मा पंकज शर्मा आदि ने सुंदर काव्यपाठ किया।
कार्यक्रम का सुन्दर एवं सफल संचालन युवा गीतकार श्री पंकज शर्मा द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के अंत में श्रीमती लेखा वर्मा तथा डॉ कीर्ति वर्द्धन द्वारा सभी अतिथियों का धन्यवाद किया गया।
