हाइकु/सेदोका

हाइकु – गौरैया की व्यथा

डालें टूटी हैं
गौरैया कहां बैठे
किससे कहे

फुदकती थी
जिस अंगना, वो भी
खत्म हो गए

वन्य नहीं मैं
हूं, घरेलू चिड़िया
जैसे बिटिया

— मनु वाशिष्ठ

मनु वाशिष्ठ

c/o श्री अशोक वाशिष्ठ मंगल भवन ब्लॉक ए फ्लैट नंबर 201 बी बाल मंदिर स्कूल के पास माला रोड कोटा जंक्शन राजस्थान

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