सामाजिक

पैदल चलने के नियम

बचपन से ही हमें यह सिखाया गया है कि हमारे देश में सड़कों पर बायीं ओर ही चलना चाहिए, दायीं ओर कभी नहीं। हम सदा से इस नियम का पालन करते रहे हैं, यहाँ तक कि पैदल चलने पर भी। लेकिन हाल ही में यातायात विभाग ने स्पष्ट किया है कि बायें चलने का यह नियम केवल वाहनों पर लागू होता है, पैदल चलनेवालों पर नहीं। उनके लिए दायें हाथ पर चलना ही अधिक सुरक्षित बताया गया है। इसके पर्याप्त कारण भी हैं।

आपने पढ़ा होगा कि हमारे देश में प्रतिदिन सड़क दुर्घटनाएँ होती हैं और उनके कारण अनेक लोग मर जाते हैं। दुर्घटनाओं से मरनेवालों में पैदल चलनेवालों की संख्या सर्वाधिक होती है। इसका कारण यह है कि जब पैदल चलनेवाले व्यक्ति सड़क पर बायीं ओर चलते हैं, तो उनके पीछे से आनेवाले वाहनचालक कई कारणों से वाहन पर अपना नियंत्रण खो देते हैं। इन कारणों में शराब पीकर चलाना, नींद के झोंके आना, मोबाइल पर बात करना, सामने न देखकर अगल-बगल देखना, सही सिग्नल न देना, गड़ढों से बचने की कोशिश करना आदि हो सकते हैं।

चालक द्वारा वाहन पर नियन्त्रण खो देने के कारण वाहन प्रायः फुटपाथों पर या पैदल चलनेवाले व्यक्तियों पर चढ़ जाते हैं, जिससे घातक दुर्घटनाएँ हो जाती हैं। पैदल यात्री इसके सबसे अधिक शिकार बनते हैं, क्योंकि उनका मुख दूसरी ओर अर्थात् सामने की ओर होने के कारण वे पीछे से आनेवाले अनियन्त्रित वाहन से अपना बचाव नहीं कर सकते। दूसरे शब्दों में, सड़क पर पैदल चलनेवाले व्यक्तियों की सुरक्षा पूरी तरह वाहनचालकों के विवेक पर निर्भर करती है।

यदि पैदल चलनेवाले व्यक्ति सड़क के दायीं ओर चलें तो दुर्घटना का खतरा कम होता है, क्योंकि ऐसी स्थिति आने पर वे फुर्ती से दूर कूदकर या खम्भा, पेड़, दीवार आदि किसी वस्तु की आड़ लेकर अपनी रक्षा कर सकते हैं। इस प्रकार पैदल यात्रियों के लिए दायीं ओर चलने का नियम बनाया गया है। ऐसा करने पर कम से कम पैदल यात्रियों के साथ होनेवाली दुर्घटनाओं को बहुत कम किया जा सकता है।

इसलिए यदि हम सड़क पर पैदल चलते हैं, तो निम्नलिखित नियमों का पालन करके स्वयं को सुरक्षित रख सकते हैं-

  1. यदि सड़क पर फुटपाथ बने हुए हैं, तो अनिवार्य रूप से फुटपाथ का ही उपयोग करें। यदि फुटपाथ बना हुआ हो, परन्तु खाली न हो, तो उस पर कब्जा करनेवाले व्यक्ति से उसे खाली करने को कहें या पुलिस को सूचित करें, ताकि फुटपाथ को पैदल यात्रियों के लिए खाली कराया जा सके। फुटपाथ पर कब्जा करने का अधिकार किसी को नहीं है।
  2. यदि हम ऐसी सड़क पर जा रहे हैं जिसमें फुटपाथ नहीं बने हैं या उपलब्ध नहीं हैं, तो हमें यथासंभव दायीं ओर चलना चाहिए और सड़क के किनारे पर ही चलना चाहिए, भले ही सारी सड़क खाली पड़ी हो।
  3. सामान्य सड़क के बजाय किसी सँकरी सड़क या गली मे पैदल चलने पर भी ये नियम लागू होते हैं।
  4. कभी भी चलते हुए ट्रैफिक में बीच में से सड़क पार न करें। इसके लिए सदा चौराहों या तिराहों के जेब्रा क्रॉसिंगों का उपयोग करें, जब वाहनों के लिए बत्ती लाल अर्थात् बन्द हो, और पैदल यात्रियों के लिए हरी अर्थात् खुली हो।

इन नियमों का पालन करने से आप पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।

— डॉ. विजय कुमार सिंघल

डॉ. विजय कुमार सिंघल

नाम - डाॅ विजय कुमार सिंघल ‘अंजान’ जन्म तिथि - 27 अक्तूबर, 1959 जन्म स्थान - गाँव - दघेंटा, विकास खंड - बल्देव, जिला - मथुरा (उ.प्र.) पिता - स्व. श्री छेदा लाल अग्रवाल माता - स्व. श्रीमती शीला देवी पितामह - स्व. श्री चिन्तामणि जी सिंघल ज्येष्ठ पितामह - स्व. स्वामी शंकरानन्द सरस्वती जी महाराज शिक्षा - एम.स्टेट., एम.फिल. (कम्प्यूटर विज्ञान), सीएआईआईबी पुरस्कार - जापान के एक सरकारी संस्थान द्वारा कम्प्यूटरीकरण विषय पर आयोजित विश्व-स्तरीय निबंध प्रतियोगिता में विजयी होने पर पुरस्कार ग्रहण करने हेतु जापान यात्रा, जहाँ गोल्ड कप द्वारा सम्मानित। इसके अतिरिक्त अनेक निबंध प्रतियोगिताओं में पुरस्कृत। आजीविका - इलाहाबाद बैंक, डीआरएस, मंडलीय कार्यालय, लखनऊ में मुख्य प्रबंधक (सूचना प्रौद्योगिकी) के पद से अवकाशप्राप्त। लेखन - कम्प्यूटर से सम्बंधित विषयों पर 80 पुस्तकें लिखित, जिनमें से 75 प्रकाशित। अन्य प्रकाशित पुस्तकें- वैदिक गीता, सरस भजन संग्रह, स्वास्थ्य रहस्य। अनेक लेख, कविताएँ, कहानियाँ, व्यंग्य, कार्टून आदि यत्र-तत्र प्रकाशित। महाभारत पर आधारित लघु उपन्यास ‘शान्तिदूत’ वेबसाइट पर प्रकाशित। आत्मकथा - प्रथम भाग (मुर्गे की तीसरी टाँग), द्वितीय भाग (दो नम्बर का आदमी) एवं तृतीय भाग (एक नजर पीछे की ओर) प्रकाशित। आत्मकथा का चतुर्थ भाग (महाशून्य की ओर) प्रकाशनाधीन। प्रकाशन- वेब पत्रिका ‘जय विजय’ मासिक का नियमित सम्पादन एवं प्रकाशन, वेबसाइट- www.jayvijay.co, ई-मेल: jayvijaymail@gmail.com, प्राकृतिक चिकित्सक एवं योगाचार्य सम्पर्क सूत्र - 15, सरयू विहार फेज 2, निकट बसन्त विहार, कमला नगर, आगरा-282005 (उप्र), मो. 9919997596, ई-मेल- vijayks@rediffmail.com, vijaysinghal27@gmail.com

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