कुण्डली
दिल्ली में कर रहे थे,जो अब तक कोहराम
झारखण्ड के नाम पर, दही गई है जाम
दही गई है जाम, वही हैं चट्टे बट्टे
अंतर्ध्यान हुए बर्गर वाले तिलचट्टे
कह सुरेश कविराय दोगलेपन की खिल्ली
टीपू, पप्पू, कजरी जाइ छुपे सब दिल्ली
— सुरेश मिश्र
दिल्ली में कर रहे थे,जो अब तक कोहराम
झारखण्ड के नाम पर, दही गई है जाम
दही गई है जाम, वही हैं चट्टे बट्टे
अंतर्ध्यान हुए बर्गर वाले तिलचट्टे
कह सुरेश कविराय दोगलेपन की खिल्ली
टीपू, पप्पू, कजरी जाइ छुपे सब दिल्ली
— सुरेश मिश्र