चलो हकीकत को दोहराएं
चलो हकीकत को
फिर दोहराओ मित्रों,
बिरसा, अम्बेडकर, कलाम को
फिर से लाओ मित्रों,
अजीब सी तकलीफ होती है
काल्पनिक आकारों के पीछे
आंख मूंद भागते लोगों को देखकर,
वास्तविकता क्या है?
सबको अच्छे से समझाओ मित्रों,
पाखंडियों के पाखंड से
बचाना है नवीन मस्तकों को,
कोई वैज्ञानिक आविष्कार
भारत से भी कराओ मित्रों,
छोड़ो अंधविश्वास की राहें,
तर्क की मशाल जलाओ,
रूढ़ियों के इस घने कुहासे को
सब मिलकर दूर भगाओ मित्रों,
लकीर के फकीर न बनो,
ज्ञान का नया इतिहास लिखो,
समता,न्याय और करुणा का
नया पाठ दोहराओ मित्रों,
संविधान की मर्यादा को,
हर दिल में आज बसाना है,
मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है,
चलो यह सबको बतलाओ मित्रों।
आओ मिलकर कदम बढ़ाएं,
नया भारत आज बनाएं,
विज्ञान और विवेक के बल पर,
सच्ची तरक्की लाओ मित्रों।
— राजेन्द्र लाहिरी
