तिरंगे की बेटियाँ
नीला गगन गवाह बना, भारत की बेटियाँ खेलीं,
श्रीलंका के मैदान में, जीत नवद इबारत लिखीं।
शेफाली के बल्ले ने, तूफ़ान मचा दिया मैदान में,
स्मृति की साझेदारी ने, रंग भरे हरेक अरमान में।
बहत्तर रन पर रोक, श्रीलंका का सारा अभिमान,
8वीं बार एशिया कप जीत, बेटियों से बढ़ा मान।
हर चौका एक उम्मीद, विकेट जयकारा बन गया,
नीली जर्सी में भारत का,”तिरंगा” ऊँचा तन गया।
ये जीत सिर्फ़ ट्रॉफी नहीं, मेहनत की पहचान बनी,
देश की हरेक बेटी के मन में, एक नई उड़ान बनी।
सलाम बेटियों को,जो मैदान में इतिहास रचाती हैं,
भारत तिरंगा लहराएँ, करोड़ों धड़कनें मुस्काती हैं।
(संदर्भ – एशिया कप में भारत 8वीं बार चैंपियन।)
— संजय एम तराणेकर
