मेरे पहाड़ में
मेरे पहाड़ में उगते हैं आज भी प्रेम के फूल , और घासनियों पर उगती है सौहार्द की दूब ;
Read Moreमेरे पहाड़ में उगते हैं आज भी प्रेम के फूल , और घासनियों पर उगती है सौहार्द की दूब ;
Read Moreलिखेंगे गीत वफाओं के, जरा सी शाम ढलने दो लिखेंगे गीत दुआओं के, जरा सी शाम ढलने दो मौसम के
Read Moreजहरीली हवा घुटती जिंदगानी दोस्तो यही है नये दौर की कहानी दोस्तो पर्वतों पे देखो कितने बाँध बन गये जवां
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