सफर की मधुशाला
राहों में मिले हम-तुम,मंजिलें थीं अलग-अलग।सफर का था रंगीन मौसम,पर नजर थी मंजिल पर। क्षणिक है मंजिल पाना,पर सफर का
Read Moreराहों में मिले हम-तुम,मंजिलें थीं अलग-अलग।सफर का था रंगीन मौसम,पर नजर थी मंजिल पर। क्षणिक है मंजिल पाना,पर सफर का
Read Moreफिर से उठाई वो कलम मैंने,जो थककर गिरी थी कभी,स्याही में मिला दर्द का दरिया,अश्कों से भीगी हर एक सदी
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