ग़ज़ल
बाहर देखा, देखा अन्दर फिर भूखे का भूखा मन। सुन्दरता के लेकर मन्ज़र फिर भूखे का भूखा मन। ध्रती, अम्बर,
Read Moreतेरी फूलों जैसी गोदी में। तेरी ठंडी मीठी लोरी में। श्रद्धा वाले फूल चढ़ाता हूँ। माँ तुझ को मैं सीस
Read Moreअयोध्या में आ गये हैं राम जय श्री राम घर-घर में है एक ही नाम जय श्री राम इसके भीतर
Read Moreतेरी फूलों जैसी गोदी में, तेरी ठंडी मीठी लोरी में श्रद्धा वाले फूल चढ़ाता हूँ, माँ तुझको मैं शीश झुकाता
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