बालगीत – चीनी से अच्छा गुड़ खाना
चीनी से अच्छा गुड़ खाना। रोगों का घर चीनी माना।। प्रकृति ने दी हमें मिठाई। गाढ़ी भूरी हमने खाई।। उदर
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Read Moreटीका सबको लगवाना है। कोरोना से मनुज बचाना है।। साठ साल से ऊपर वाले। खोलें अपने भ्रम के ताले।। बीमारी
Read Moreअभी तक हमने मात्र भगवान, देवी और देवताओं के भक्त ही सुने थे।लेकिन आज भक्त भी विभक्त हो गए हैं।अब
Read More‘घर में लगती है आग घर के ही चिराग से।’यह कहावत कुछ यों ही नहीं बन गई।इसी प्रकार ‘घर का
Read Moreआप सभी लोग मुझे बहुत अच्छी तरह से जानते- पहचानते हैं। प्रायः लोग मुझे ‘दहेज’ के नाम से जानते हैं।दहेज़
Read Moreलाल – हरे तुलसी के पत्ते। लगते तीखे जब हम चखते।। कहती दादी अति गुणकारी। तुलसी-दल की महिमा न्यारी। वात
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