गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. भगवत स्वरूप 'शुभम' 28/04/2019 ग़ज़ल मुझे लोग ग़ज़ल कहने नहीं देते। सुकूँ से मुझे रहने नहीं देते।। सवाल-दर-सवालों से उलझता हूँ मैं, दरीचे से बाहर Read More
बाल कविता *डॉ. भगवत स्वरूप 'शुभम' 17/04/2019 बाल गीत – बाबा कैसे होते गाँव बाबा कैसे होते गाँव। गाँव देखने का है चाव।। घर कुछ छोटे बड़े गाँव में, बच्चे खेलें सघन छाँव में, Read More