स्वास्थ्य

रोग के क्षणों में समाधि कैसे रखें?

जब-जब रोग में बैचेनी महसूस हो, संकल्प-विकल्पों से मन घिर जायें। शरीर की आसक्ति मन को बैचेन करें, ऐसे रोग के क्षणों में शुभ भावों से प्रभु का नाम स्मरण करने से आत्मा का भव रोग दूर हो जाता है। उस समय प्रभु का नाम हर क्षण अन्तर में गूंजता रहें। हर क्षण यह याद […]

सामाजिक

स्वयं सेवी संगठनों के विकास हेतु कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों में तालमेल आवश्यक

संस्थाओं में कार्यकर्ताओं की भूमिका- किसी भी संस्था का विकास उसके समर्पित कार्यकर्ताओं पर निर्भर रहता हैं। कार्यकर्ता संस्था में धुरी के समान होते हैं। वृक्ष के बीज एवं नींव के पत्थर की भांति उनकी भूमिका एवं उपयोगिता स्पष्टतः दृष्टिगत नहीं होती है। निष्ठावान कार्यकर्ताओं के बिना किसी भी संस्था का दीर्घकालीन न तो विकास […]

पर्यावरण

पशु क्रूरता कानून कितना न्याय संगत ?

सरकार द्वारा हिंसा को प्रोत्साहन अनुचित – आज राज्याश्रय के कारण हमारी संस्कृति जो मुगलों एवं अंग्रेजों के शासन काल में भी जितनी प्रभावित नहीं हुई उतनी स्वतंत्र भारत में नष्ट हो रही है। हमारी गलत नितियों के कारण आज हम ऐसी स्थिति में पहुँच गये है कि तनिक भी लापरवाही एवं उपेक्षावृत्ति से हमारा […]

स्वास्थ्य

प्राण ऊर्जा का सदुपयोग स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है

मानव जीवन का संचालन आज भी विज्ञान के लिये आष्यर्च बना हुआ है। हमारे षरीर में जो क्रियायें अथवा प्रतिक्रियायें होती है उसका संचालन एवं नियन्त्रण कौन और कैसे करता है? क्या हमारे जन्म समय पर ग्रह एवं नक्षत्रों की ब्रह्माण्ड में स्थिति के आधार पर ज्योतिशियों द्वारा बनायी जाने वाली जन्म कुण्डलियों की यर्थाथता […]