गीतिका/ग़ज़ल देवकी नंदन 'शान्त' 02/10/2023 गजल खुशबू को हवाओं का पता क्यों नहीं देतेउस शख्स को महफिल में बुला क्यों नहीं लेते उस जलवे को महसूस Read More
गीतिका/ग़ज़ल देवकी नंदन 'शान्त' 23/09/202323/09/2023 गजल तुम्हारी याद ने इतना सतायामैं सारे बंधनों को तोड़ आयामिलन की अब कोई भी शर्त ना होकि शर्तों ने मुझे Read More
गीतिका/ग़ज़ल देवकी नंदन 'शान्त' 02/08/202302/08/2023 गजल गजल कहूँगा सरल सी समझ में आएगीगजल की शर्त भी लेकिन गजल निभाएगी जो गुनगुनायेंगे मेरी गजल ये दावा हैउन्हें Read More
गीतिका/ग़ज़ल देवकी नंदन 'शान्त' 04/07/202304/07/2023 ग़ज़ल तू जो खुशबू की तरह मुझमें बिखर जाता है एक लम्हे के लिए वक्त ठहर जाता है किसी मुखबिर की Read More
गीतिका/ग़ज़ल देवकी नंदन 'शान्त' 02/06/2023 ग़ज़ल मेरे गिरने से मेरे दोस्त अचानक सँभले तय जो करते थे दिशा-दृष्टि विधायक सँभले लिखने वालों ने कहानी का जो Read More
गीतिका/ग़ज़ल देवकी नंदन 'शान्त' 04/05/2023 ग़ज़ल दबी चोटें उभरना चाहती हैं कराहें चीख बनना चाहती हैं पुजारी हम हैं खामोशी के लेकिन निगाहें शोर करना चाहती Read More
गीतिका/ग़ज़ल देवकी नंदन 'शान्त' 04/04/2023 ग़ज़ल मेरा वजूद दर्द से ऐसे हिला कि बस गम को मिला सुकून तो ऐसे लगा कि बस मुमकिन है इस Read More
गीतिका/ग़ज़ल देवकी नंदन 'शान्त' 05/03/2023 ग़ज़ल भारत के लोकतंत्र का अपना उसूल है हित में प्रजा के तंत्र को सब कुछ कुबूल है धाराएँ संविधान की Read More
गीतिका/ग़ज़ल देवकी नंदन 'शान्त' 04/02/2023 ग़ज़ल वो मुझे अपना लगे क्या कीजिए आप उसके हैं तो बतला दीजिए मैं जहाँ जाता हूँ वो पीछा करे क्यूँ Read More
गीतिका/ग़ज़ल देवकी नंदन 'शान्त' 03/01/202303/01/2023 ग़ज़ल सुनो पहले, विचारो बाद में, देखो, न कुछ बोलो अगर है लाजमी कुछ बोलना, शब्दों में रस घोलो बस इतनी Read More