ग़ज़ल
शुक्रिया बताया मिटाने से पहलेनचाया बहुत पर बचाने से पहले। मदद माँगता कोई मुसीबत का माराबढ़ाओ कभी हाथ बुलाने से
Read Moreहोती है खूब देखकर अब हैरानियत जाने कहाँ गायब हो गई इंसानियत।। व्याकुल है मन बहुत,बेदर्द ज़माने से कोई तो
Read Moreमुस्कराते चेहरे पर स्वीकार पढ़ लिया यूँ लगा मानो मेरा अधिकार पढ़ लिया || लब कभी जो कह न पाए
Read Moreयहाँ अब सब कुछ निर्विरोध होना चाहिये | रिश्तो में अपनेपन का बोध होना चाहिये||1 नजरो ही नज़रो में
Read Moreमैंने भी कुछ टूटे से घर देखे हैं, उड़ने वालो के कतरे पर देखे हैं.|| डस जाते हैं वो धीरे
Read Moreरंग लगाने के बहाने पड़ोसन का हाथ जो पकड़ा बीबी का फिर यारो गाल पर पड़ा मुक्का तगड़ा हाल न
Read Moreसभी ओर मचा होली का ही तो है बवाल ऐसे में आ रे नटखट उड़ा तू प्रेम गुलाल काहे पीछे
Read Moreक्यूँ सदा यूँ फतह की ही सोचते हो | बस हमेशा सतह की ही सोचते हो ||१ प्यार मुहब्बत भी
Read Moreरंग भी देता है खुलकर कौन है बैठा है जो दिल मे छुपकर कौन है लिख इबारत प्यार की दिल
Read More