गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. दिवाकर दत्त त्रिपाठी 24/04/202224/04/2022 गीतिका यक्षप्रश्न चहुँओर खड़े हैं, मेरे पास जवाब नही है । नागफनी के काँटे है बस ,मेरे पास गुलाब नही है। Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. दिवाकर दत्त त्रिपाठी 24/04/2022 गीतिका एकलव्य के अपराधी तुम द्रोण तुम्हारा क्या होगा ? वहम तुम्हारा टूटेगा यह ,कि सब कुछ अच्छा होगा । तुम Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. दिवाकर दत्त त्रिपाठी 21/04/202221/04/2022 गीतिका तन्हाई की पीर लिखूँगा । इन नैनौं का नीर लिखूँगा। जिसने दिया वियोग क्रौंच को, वही व्याध का तीर लिखूँगा Read More
गीत/नवगीत *डॉ. दिवाकर दत्त त्रिपाठी 26/03/202226/03/2022 गीत कोयल बिन सूनी अमराई । चुभती यादों की पुरवाई । तुम बिन चंदा रोया होगा , आँसू लटके हैं पत्तों Read More
गीत/नवगीत *डॉ. दिवाकर दत्त त्रिपाठी 26/03/202226/03/2022 गीत रंग-अबीर-गुलाल लगाकर,सबको गले लगायें! मन के सकल विकार मिटाकर,होली-पर्व मनायें! जो मानवता के भक्षक हैं, हिंसक उन्हें बतायें! झूठे लोगों Read More
गीत/नवगीत *डॉ. दिवाकर दत्त त्रिपाठी 26/03/202226/03/2022 गीत उर की पीड़ा, नीर प्रलय सी, धैर्य एक छोटी सी नाव । संघर्षों का राही जीवन, आखिर कब लेगा Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. दिवाकर दत्त त्रिपाठी 22/12/2021 गीतिका दूसरों की हर कमी को देखता संसार में । क्यों नहीं तू झाँकता है स्वयं के किरदार में ? कर Read More
गीत/नवगीत *डॉ. दिवाकर दत्त त्रिपाठी 22/12/202122/12/2021 गीत सभी नही अच्छे उपवन में , आने जाने वाले लोग। नजर गड़ाये हैं कलियों पर , गंध चुराने वाले लोग Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. दिवाकर दत्त त्रिपाठी 05/12/2021 गीतिका दूसरों की हर कमी को देखता संसार में । क्यों नहीं तू झाँकता है स्वयं के किरदार में ? कर Read More
गीत/नवगीत *डॉ. दिवाकर दत्त त्रिपाठी 23/11/2021 सरस्वती वंदना नमामि मातु शारदे ! नमामि मातु शारदे ! है कल्पना मलीन सी , हृदय के भाव मंद हैं। है लेखनी Read More