गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. दिवाकर दत्त त्रिपाठी 10/07/202210/07/2022 गीतिका जलते हुए सपनों का धुआँ, घोंट रहा दम । मंजिल कहाँ है ? रास्तों में खो गये हैं हम Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. दिवाकर दत्त त्रिपाठी 10/07/202210/07/2022 गीतिका नम आँखे हैं ,सूना मन है, क्या मैं अपना हाल सुनाऊँ ? जीने से अब ऊब गया मन,डर लगता है Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. दिवाकर दत्त त्रिपाठी 10/07/202210/07/2022 गीतिका बस जोड़ने मे सारा जीवन गुजर गया है । हिस्से में मेरे अब तक केवल सिफ़र गया है। हलचल है Read More
गीत/नवगीत *डॉ. दिवाकर दत्त त्रिपाठी 07/07/202209/07/2022 गीत पीर असहनीय हुई तब साथी गीत हुए । टूटे अनुबंध सभी ,दूर सभी मीत हुए । नयनों से मोती की Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. दिवाकर दत्त त्रिपाठी 07/07/202207/07/2022 गीतिका बस जोड़ने मे सारा जीवन गुजर गया है । हिस्से में मेरे अब तक केवल सिफ़र गया है। हलचल है Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. दिवाकर दत्त त्रिपाठी 07/07/202207/07/2022 गीतिका तन्हाई की पीर लिखूँगा । इन नैनौं का नीर लिखूँगा। जिसने दिया वियोग क्रौंच को, वही व्याध का तीर लिखूँगा Read More
भजन/भावगीत *डॉ. दिवाकर दत्त त्रिपाठी 10/06/202210/06/2022 पद गंजरहा! मृण्मय यह संसार ! मृण्मय तन ,मृण्मय चीजों पर व्यर्थ करे अधिकार ! तेरे बाद सिर्फ होंगे बस Read More
पर्यावरणलेख *डॉ. दिवाकर दत्त त्रिपाठी 05/06/202205/06/2022 पर्यावरण के लिए सिर्फ एक दिन ? आज पार्यावरण दिवस है ,लोग एक छोटा सा पेड़ लगाते हुए एक फोटो किसी आनलाइन प्लेटफार्म पर डालकर अपने Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. दिवाकर दत्त त्रिपाठी 19/05/202219/05/2022 गीतिका यह कैसा संयोग हुआ है, खुदा बचाये । नीच नीच का योग हुआ है,खुदा बचाये। राजनीति की गद्दी बोली ,मेरी Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. दिवाकर दत्त त्रिपाठी 04/05/202204/05/2022 गीतिका बस जोड़ने मे सारा जीवन गुजर गया है । हिस्से में मेरे अब तक केवल सिफ़र गया है। हलचल है Read More