ग़ज़ल
दिखावे की दुनिया है धोखे बड़े हैंये महफ़िल वही है तमाशे नये हैं ज़ियादा है संख्या जो छुपकर के पीतेक़माल
Read Moreसुलतानपुर रेलवे के यूनियन सभागार में उद्गार मंच, कौंडिन्य साहित्य सेवा समिति कादीपुर के सौजन्य से कवि मथुरा प्रसाद सिंह
Read Moreदेवरिया। ‘पतहर’ पत्रिका के तत्वाधान में नागरी प्रचारिणी सभा के तुलसी सभागार में विभूति नारायण ओझा द्वारा संपादित आलोचनात्मक पुस्तक
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