गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. डी एम मिश्र 11/01/202611/01/2026 ग़ज़ल सब होंठों पर मत लाना,कुछ दिल के भीतर रखनावक़्त पलट सकता है इतनी जगह बचाकर रखना आज तुम्हारी बारी है, Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. डी एम मिश्र 24/12/202524/12/2025 ग़ज़ल जनता से नाता न रखेंगे कब तक अच्छे लोगराजनीति से दूर रहेंगे कब तक अच्छे लोग आग लगी है आप Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. डी एम मिश्र 17/11/202517/11/2025 ग़ज़ल दुकाँ छोटी हो लेकिन दोस्तो बैनर बड़़ा रखनाभले कुछ भी नहीं करना मगर बातें बड़ी करना। तुम्हारा नाम अपने आप Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. डी एम मिश्र 06/10/202506/10/2025 ग़ज़ल ज़ुल्म के इस दौर में बोलेगा कौनबढ़ रहा आतंक है रोकेगा कोन इस तरह ख़ामोश कैसे लोग हैंहम रहे गर Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. डी एम मिश्र 08/09/202508/09/2025 ग़ज़ल दिखावे की दुनिया है धोखे बड़े हैंये महफ़िल वही है तमाशे नये हैं ज़ियादा है संख्या जो छुपकर के पीतेक़माल Read More
समाचार *डॉ. डी एम मिश्र 08/09/202508/09/2025 डॉ डी एम मिश्र को मिला अजमल सुलतानपुरी स्मृति सम्मान सुलतानपुर रेलवे के यूनियन सभागार में उद्गार मंच, कौंडिन्य साहित्य सेवा समिति कादीपुर के सौजन्य से कवि मथुरा प्रसाद सिंह Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. डी एम मिश्र 05/08/202505/08/2025 ग़ज़ल पत्थरों से तो सर बचा आयेचोट फूलों की मार से खाये सारी दुनिया को जीतकर लौटेमात परिवार से अपने खाये Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. डी एम मिश्र 11/07/202511/07/2025 ग़ज़ल पलकों के शामियाने में ख़्वाब पल रहे थेघनघोर था अँधेरा जुगुनू मचल रहे थे कोमल चरन बताकर सब झूठ बोलते Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. डी एम मिश्र 25/06/202525/06/2025 ग़ज़ल किसी जन्नत से जाकर हुस्न की दौलत उठा लायेहमारे गाँव से क्यों सादगी लेकिन चुरा लाये बताओ चार पैसे के Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. डी एम मिश्र 23/05/202523/05/2025 ग़ज़ल धूप थी, लंबा सफ़र था, दूर तक साया न थासामने चट्टान थी फिर भी वो घबराया न था नाज़़ुकी देखी Read More